स्वदेशीचिट्ठी

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बधाई! भारत की, स्वदेशी व छोटे दुकानदारों की जबरदस्त जीत! अमेजॉन और वॉलमार्ट को लगी 50 अरब डालर की चपत।
इस 1 फरवरी से ई-कॉमर्स की नई नीति लागू हो गई है।इसके कारण से पिछले 7-8 वर्षों से लगातार छोटे दुकानदारों का, व्यापार खींच, अपना पेट भर रही दोनों विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपना गोरखधंधा बंद करना पड़ रहा है।
वे अब छोटे दुकानदारों का व्यापार नहीं खींच सकेंगी। और जैसे ही यह नियम भारत सरकार ने सख्ती से लागू किए उसके कारण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों कंपनियों के शेयर 50 अरब डॉलर गिर गए हैं।
यही नहीं,मार्गन स्टैनले..अमेरिका के बड़े आर्थिक थिंक टैंक ने कहा है "वालमार्ट भारत से वापस भी जा सकती है।"
सब को जानकारी रहे कि यह दोनों कंपनियां आई तो ई-कॉमर्स के प्लेटफार्म के नाम पर थी।पर यह गलत तरीके से रिटेल सेक्टर का काम करने लगी थीं। स्वदेशी जागरण मंच, CAIT व अन्य व्यापारी संगठनों के प्रयासों से भारत सरकार ने इनके गलत तरीकों को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
अब इनको वास्तविक नियम के अनुसार चलना पड़ेगा।
अमेजॉन ने गत वर्ष भी 5अरब डॉलर भारत में लगाए और वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्टको खरीदने में ही 16 अरब डालर लगाए। उन्हें ध्नयान नहीं रहा कि यहां राष्ट्रवादीओं की सरकार है। और स्वदेशी जागरण मंच व CAIT(Confederation of all India traders) जागरूक पहरेदार का काम कर रहे हैं।
यह दोनों कंपनियां अब पछताने में लगी है, क्या करें? उन्हें समझ में नहीं आ रहा। फिर भी अभी वह प्रयास करेंगी कि वे अपना धंधा, कोई नये रास्ते(गलत) तलाश कर चलाएं रखें।
इसलिए स्वदेशी कार्यकर्ताओं,दुकानदारों व कैट को जागरूक रहना होगा।
छोटे दुकानदार लगातार अपना व्यापार वृद्धि करने में लगे हैं।स्वदेशी की एक बड़ी जीत हुई है।
नीचे:गत रविवार,चंडीगढ में स्वदेशी विचार वर्ग का प्रारम्भ दीप जलाकर करते हुए।
~ सतीश कुमार 'स्वदेशी चिट्ठी'

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